Mohabbat sabr ke alawa kuchh nahin, shayari

मोहब्बत सब्र के अलावा कुछ नहीं,
हमने हर इश्क़ को इंतज़ार करते देखा हैं। 💘
Mohabbat sabr ke alawa kuchh nahin,
hamne har ishq ko intazaar karate dekha hain.

अहसास लिखूँ जज़बात लिखूँ या
तेरी शोख अदाओं के अंदाज लिखूँ,
मेरे ज़हन में वो लफ्ज़ कहाँ
कि.. तेरे हुस्न की तमाम बात लिखूँ। 💘

चाँद की रोशनी में भी ना जाने कैसा सुरूर होते है,
हम जिसे भी चाहते है वो अक्सर हमसे दूर होता है। 💘

कभी जो थक जाओ तुम दुनिया की महफ़िलों से
तो… मुझे आवाज़ दे देना हम आज भी अकेले रहते हैं। 💘

आधा ख्वाब, आधा इश्क़, आधी सी है बंदगी,
मेरे हो…पर मेरे नही.. कैसी है ये जिंदगी 💘

मुकम्मल कहां हुई जिन्दगी किसी की
आदमी कुछ खोता ही रहा कुछ पाने के लिए। 💘

दो कदम तो सब चल लेते हैं पर
जिंदगी भर कोई साथ नहीं देता
अगर रोने से भूला दी जाती यादें
तो हंसकर कोई गम न छुपाता। 💘

काश कोई होता.. काश कोई होता..
जो गले लगा कर कहे की पागल रोया ना कर…
मुझे भी तेरे दर्द से दर्द होता है। 💘

The post Mohabbat sabr ke alawa kuchh nahin, shayari appeared first on Latest Shayari 2020.



Category : shayari123

Comments

Popular posts from this blog

Netaji Jayanti Status Subhash Chandra Bose Status

Neta Ji Birthday Special Status Video

LOL Lyrics in English Font - Payal Dev | Dev Negi | Ginny Weds Sunny | Latest Hindi Songs 2020